Wednesday, June 23, 2010

मुस्लिम नारी कितनी बेचारी

भंडाफोडू से साभार
अपने देखा होगा कि जब ट्रेन में किसी आदमी को बिना टिकट पकड़ा जाता है, तो वह अपने बचाओ में यही दलीलें देता है कि ,मैं अकेला ही गाड़ी में बिना टिकट नहीं हूँ ,और भी हैं ,सिर्फ मुझे ही क्यों पकड़ा जा रहा है .लेकिन किसी दूसरे की गलतियां बताकर कोई भी खुद को निर्दोष सिद्ध नही कर सकता .एक दुसरे पर कीचड़ डालने पहिले देख लें कि कही आप खुद तो गंदे नहीं हो रहे हैं .छाहे वह हिन्दू हों या कोई और.पहिले अपने कपडे साफ़ कर लीजिये .मेरी कल कि पोस्ट पर कमेन्ट में मुझ से ११ सवाल पूछे गए ,मैं उनके उत्तर दे रहा हूं


१-हिन्दू नारी कितनी बेचारी

नारी को बेचारी कहते तो ठीक होता ,लेकिन हिन्दू नारी उतनी बेचारी कभी रही ,जितनी मुहम्मद की पुत्री फातिमा थी.जब अबू बकर और ऊमर ने अपने लोगों के साथ फातिमा के घर पर हमला करके घर में घुसने की कोशिश की थी .जब फातिमा ने दरवाज़ा बंद करना चाहा तो इन दौनों ने फातिमा को दरवाजे की किवाड़ से इतनी जोर से दवाया कि उसकी पसलियाँ टूट गयीं ,और उसके गर्भ का बच्चा भी मर गया था .मुहम्मद ने खुद उस होने वाले बच्चे का नाम मुहसिन रखा था


हिन्दू नारी हुसैन की बहिन की तरह बेचारी कभी नहीं रही ,जब यजीद की फौजों ने जैनब को बेपर्दा करके सारे शहर में घुमाया था .और कैद किया था. और जैनब को हुसैन का कटा हुआ सर देखते ही जैनब मर गयी थी .इसी तरह हिन्दू नारी सकीना कि तरह बेचारी कभी नहीं रही जब यजीद के लोगों ने हुसैन की छोटी सी बच्ची सकीना को रस्सी से बाँध कर रास्ते भर घुमाया था .और शुमर नामका आदमी रास्ते भर सकीना को तमाचे मारता रहा था .बेचारी बच्ची रो रोकर पानी मांगती रही और आखिर मर गयी .यह काम करने वाले अबू बकर और ऊमर मुहम्मद के सहाबा थे .और कलमा पढ़ते थे .नारी को बेचारी तो इस्लाम ने बना रखा है .हिन्दू नारियां आज भी आज़ाद हैं .

२-क्या दयानंद को हिन्दू संत कहा जा सकता है?

बिलकुल नहीं,वे हिन्दू संत नहीं धर्म सुधारक थे .उन्होंने पाखंडी लोगों की पोल खोल दी थी ,और हिन्दुओं को ईसाई और मुसलमान बनाने से बचाया था.

३-कौन कहता है अल्लाह ईश्वर एक है

कुरआन कहता है ,एक नहीं दो हैं "इलाहुना व् इलाहुकुम "यानी मेरा खुदा और तुम्हारा खुदा .इससे सिद्ध होता है कि दौनों अलग हैं

४- क्या कहेंगे अल्लोपनिषद को न मानने वाले

वेदों के कई उपनिषद् और शाखाएं है कुरआन की सूरतों कीतरह कुछ बड़ी हैं ,कुछ छोटी .इसी तरह एक अरबोपनिषद भी है अगर मुसलमान अरबोपनिषद को स्वीकार कर लेंगे तो हिन्दू भी अल्लोपनिषद को कबूल कर लेंगे.अरबोपनिषद अगली पोस्ट में दिया जाएगा

५- गर्भाधान आर्यों का नैतिक सूचकांक

गर्भाधान की परंपरा अल्लाह के नबी लूत से शुरू हुई .लूत ने अपनी दौनों लड़कियों का गर्भाधान किया था.बाद में उसी गर्भाधान से यहूदिओं और मुसलमानों की नस्लें पैदा हुयीं .तौरेत -उत्पत्ति -१९:३२ से ३६

६- आत्महत्या में हिन्दू युवा अव्वल क्यों

मुसलमानों को देखकर ,मुस्लिम युवा आत्मघाती बोम्बर क्यों बन रहे हैं .अबतो मुस्लिम लड़कियां और बच्चे भी आत्मघाती बोम्बर बन रहे है .परेशान होकर मुल्ले इसके खिलाफ फतवे दे रहे हैं .

७-इंद्र ने कृष्ण नामके राजा की गर्भवती स्त्रियों की हया की थी

यह तो काफी पुरानी बात है .सूरा ३३:२६ के अनुसार मुहम्मद ने सन ६२७ में बनी कुरैजा के ९०० लोगों की ह्त्या करवाई थी .जिसमे मर्दों के साथ गर्भवती औरतें और बच्चे भी थे.मुहम्मद ने अपने आदमियों के साथ एक एक करके सबको क़त्ल करवाया था.सिर्फ दो सुन्दर औरतों को अपने लिए रख लिया था .१.सफीया बिन्त हुवय्या २ रेहाना बिन्त जैद.एक तरफ मुहामद के लोग इन औरतों के पतिओं को क़त्ल कर रहे थे तो दूसरी तरफ मुहम्मद इन औरतों के साथ शादी कर रहा था .यही कारण है की मुहम्मद के वंश का नाश हो गया

८-गायत्री को वेदमाता क्यों कहा जाता है? क्या वह कोई औरत है

ज़रा थोड़ा हदीसों को पढ़िए .शराब को उम्मुल खाबायिस क्यों कहा यानी बुराइयों की माँ,और और दुख्तरे ऱज यानी अंगूर की बेटी क्यों कहते हैं जब शराब बेटी और माँ हो सकती है ,तो गायत्री माँ क्यों नही हो सकती है ,दौनों औरत नहीं हैं

९- हिन्दू नारीओं को पुत्र प्राप्ती के लिए वीर्यदान के लिए कौन मजबूर करता है

आप अजमेर में कुछ दिन देखो ,वहां दरगाह के खादिम और मुजाविर मुस्लिम औरतों को वीर्यदान दे रहे है की नही .जब औरते अपना पेट फुलाकर घर आती हैं ,तो कहती हैं यह ख्वाजा का करम है .

१० -आर्य नारी को बेवफा क्यों कहा जाता है

इस्लाम की तरह जूतियाँ तो नहीं कहा जाता.इमाम हसन की औरत तो आर्य नही थी .उसने अपने पति को जहर क्यों दिया था

११- लंका दहन में हनुमान ने मंदिर को टूटने से बचाना क्यों नही समझा

शायद वह कुछ देर के लिए मुसलमान बन गया होगा .नाम से ही लगता है ,लुकमान ,उसमान ,रहमान ,हनुमान

अरे मेरे भाई मंदिर का एक अर्थ मकान भी होता है .उर्दू पढ़ने सब उलटा समझ में आता है

4 comments:

  1. {महमूद एंड कम्पनी ,मरोल पाइप लाइन ,मुंबई द्वारा हिंदी में प्रकाशित कुरान मजीद से ऊदत } इस्लाम के अनुसार इस्लाम के प्रति इमान न रखने वाले ,व बुतपरस्त( देवी -देवताओ व गुरुओ को मानने वाले काफिर है ) 1................मुसलमानों को अल्लाह का आदेश है की काफिरों के सर काट कर उड़ा दो ,और उनके पोर -पोर मारकर तोड़ दो (कुरान मजीद ,पेज २८१ ,पारा ९ ,सूरा ८ की १२ वी आयत )! 2.....................जब इज्जत यानि , युद्द विराम के महीने निकल जाये ,जो की चार होते है [जिकागा ,जिल्हिज्या ,मोहरम ,और रजक] शेष रामजान समेत आठ महीने काफिरों से लड़ने के उन्हें समाप्त करने के है !(पेज २९५ ,पारा १० ,सूरा ९ की ५ वी आयत ) 3...................जब तुम काफिरों से भिड जाओ तो उनकी गर्दन काट दो ,और जब तुम उन्हें खूब कतल कर चुको तो जो उनमे से बच जाये उन्हें मजबूती से केद कर लो (पेज ८१७ ,पारा २६ ,सूरा ४७ की चोथी आयत ) 4............निश्चित रूप से काफिर मुसलमानों के खुले दुश्मन है (इस्लाम में भाई चारा केवल इस्लाम को माननेवालों के लिए है ) (पेज १४७ पारा ५ सूरा ४ की १०१वि आयत ) .........................क्या यही है अमन का सन्देश देने वाले देने वाले इस्लाम की तस्वीर इसी से प्रेरित होकर ७१२ में मोह्हम्मद बिन कासिम ,१३९८ में तेमूर लंग ने १७३९ में नादिर शाह ने १-१ दिन मै लाखो हिन्दुओ का कत्ल किया ,महमूद गजनवी ने १०००-१०२७ में हिन्दुस्तान मै किये अपने १७ आक्रमणों मै लाखो हिन्दुओ को मोट के घाट उतारा मंदिरों को तोड़ा,व साढ़े ४ लाख सुंदर हिन्दू लड़कियों ओरतो को अफगानिस्तान में गजनी के बाजार मै बेच दिया !गोरी ,गुलाम ,खिलजी ,तुगलक ,लोधी व मुग़ल वंश इसी प्रकार हिन्दुओ को काटते रहे और हिन्दू नारियो की छीना- झपटी करते रहे {द हिस्ट्री ऑफ़ इंडिया एस टोल्ड बाय इट्स ओवन हिस्तोरिअन्स,लेखक अच् ,अच् एलियार्ड ,जान डावसन }यही स्थिति वर्तमान मै भी है सोमालिया ,सूडान,सर्बिया ,कजाकिस्तान ,अफगानिस्तान ,अल्जीरिया ,सर्बिया ,चेचनिया ,फिलिपींस ,लीबिया ,व अन्य अरब देश आतंकवाद के वर्तमान अड्डे है जिनका सरदार पाकिस्तान है क्या यह विचारणीय प्रश्न नहीं की किस प्रेरणा से इतिहास से वर्तमान तक इक मजहब आतंक का पर्याय बना है ???????????????

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  2. http://bhandafodu.blogspot.com/2010/06/blog-post_27.html

    इस पोस्ट को प्रसारित करनें की आवश्यकता है

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  3. mujhe phon no0 bhejen
    dr. vedvyathit@gmail .com

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